ਜਦੋਂ ਇਹਨਾਂ ਬਹਾਦਰ ਕੁੜੀਆਂ ਨੇ ਚਾਕੂ-ਦੇਸੀ ਕੱਟੇ ਨਾਲ ਲੈਸ ਬਦਮਾਸ਼ਾਂ ਨੂੰ ਭਜਾਇਆ

News

Share

ਜਦੋਂ ਇਹਨਾਂ ਬਹਾਦਰ ਕੁੜੀਆਂ ਨੇ ਚਾਕੂ-ਦੇਸੀ ਕੱਟੇ ਨਾਲ ਲੈਸ ਬਦਮਾਸ਼ਾਂ ਨੂੰ ਭਜਾਇਆ

ਕਈ ਵਾਰੀ ਚੋਰਾਂ/ਲੁਟੇਰਿਆਂ ਨਾਲ ਵੀ ਅਜਿਹਾ ਕੁਝ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਜੋ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਦੇ ਸੋਚਿਆ ਵੀ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ। ਅਜਿਹੀ ਘਟਨਾ ਰੇਲ ਵਿਚ ਚੋਰੀ ਕਰਨ ਆਏ ਲੁਟੇਰਿਆਂ ਨਾਲ ਵਾਪਰੀ। ਦਰਅਸਲ ਕੁਝ ਚੋਰ ਚੋਰੀ ਕਰਨ ਇੱਕ ਰੇਲ ਵਿਚ ਵੜ ਗਏ ਪਰ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਬਦਕਿਸਮਤੀ ਕਿ ਉਸੇ ਡੱਬੇ ਵਿਚ ਤਾਇਕਵਾਂਡੋ ਸਿੱਖੀਆਂ ਹੋਈਆਂ ਕੁੜੀਆਂ ਆਪਣੇ ਮੁਕਾਬਲੇ ਲਈ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਸਨ।

पता नहीं चोरों की किस्मत खराब थी या यात्रियों की किस्मत अच्छी थी कि चोर चढ़े भी तो उस डिब्बे में जिसमें ताइक्वांडो गर्ल्स मौजूद थीं. वो भी निडर. एक आध नहीं, पूरी 200 लड़कियां थीं. सभी वाराणसी-मैसूर एक्सप्रेस से बंगलुरु जा रही थीं. राष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए.ट्रेन कर्नाटक में थी.

करनाला स्टेशन पर ट्रेन पहुंची तो कुछ लुटेरे खिड़कियों से लड़कियों और अन्य यात्रियों पर झपट्टा मारने लगे.किसी की चेन तो किसी का बैग खींच लिया. लड़कियों ने विरोध किया तो 8-10 बदमाश ट्रेन के अंदर घुस आए. उनके हाथ में चाकू और देसी कट्टे थे.

एक मैडम ने विरोध किया तो उनका गला दबाने लगे. इस पर विदिशा और वाराणसी की कुछ लड़कियां बदमाशों पर झपट पड़ीं. दो बदमाशों को दबोच भी लिया. हौंक के मारा-पीटा. हालांकि मौका देखकर दोनों बच निकले. इस संघर्ष में कुछ लड़कियों को हल्की चोटें भी आई हैं मगर इन्होंने जो हिम्मत दिखाई वो काबिले तारीफ है.

इसी हिम्मत का नतीजा था कि ट्रेन के बाकी यात्री लूटपाट से बच गए.मध्य प्रदेश के विदिशा स्थित केंद्रीय विद्यालय की टीचर रंजना वर्मा भी टाइक्वांडो टीम के साथ गई हैं. उन्होंने बताया कि घटना के वक्त हम सभी काफी डर गए थे. सब आधी रात में अचानक हुआ. लोग सो रहे थे कि अचानक हो हल्ला मच गया. कुछ बदमाश जो ट्रेन के अंदर घुस आए थे,

वो वाराणसी की टीचर अंजली केसरी के साथ मारपीट कर सोने की चेन और पर्स लूटने की कोशिश करने लगे. रंजना ने बताया कि शोर मचने पर हमारी लड़कियां बदमाशों पर टूट पड़ीं. हालांकि अंजली को कुछ चोटें आई हैं.

स्कूल स्टाफ ने घटना के तुरंत बाद रेल मंत्रालय को ट्वीट कर घटना की जानकारी दी लेकिन उन्हें दो घंटे बाद रिस्पांस मिला.

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *